यहाँ हिंदी साहित्य की कविताओं में अक्सर प्रयोग होने वाले 25 प्रमुख शब्द और उनके 5-5 विपरीतार्थक (विलोम) शब्द दिए गए हैं। चूंकि एक शब्द के बि...
यहाँ हिंदी साहित्य की कविताओं में अक्सर प्रयोग होने वाले 25 प्रमुख शब्द और उनके 5-5 विपरीतार्थक (विलोम) शब्द दिए गए हैं।
चूंकि एक शब्द के बिल्कुल सटीक 5 विलोम शब्द ढूँढना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है, इसलिए यहाँ मुख्य शब्द के अर्थ और उसके अलग-अलग संदर्भों (जैसे संज्ञा, विशेषण या काव्य के भाव) के आधार पर 5 सबसे करीबी विपरीत शब्द दिए गए हैं:
अनुराग (प्रेम) - विराग, द्वेष, घृणा, ईर्ष्या, विरक्ति
निशा (रात) - दिवस, दिन, दिवा, वासर, अहः
अंबर (आकाश) - अवनी, धरा, पृथ्वी, भू, पाताल
तमस (अंधेरा) - प्रकाश, आलोक, उजाला, ज्योति, प्रदीप्ति
पावन (पवित्र) - अपवित्र, अशुचि, दूषित, मलीन, कलुषित
वेदना (दुख/पीड़ित) - आनंद, सुख, हर्ष, उल्लास, मोद
भानु (सूरज) - मयंक, चंद्र, शशि, राकेश, निशाकर
कंचन (सोना/उत्कृष्ट) - कांच, माटी, धूल, तुच्छ, लोहा
तरु (पेड़/सजीव) - मरु, ठूंठ, निर्जीव, शुष्क, जड़
सुमन (फूल/सुंदर मन) - कुमन, शूल, काँटा, दुर्जन, कंटक
विहग (पक्षी/मुक्त) - बद्ध, बंदी, पशु, थलचर, अचल
सरिता (नदी/प्रवाह) - सागर, समुद्र, जलधि, मरुस्थल, थल
मानस (मन/चेतन) - अचेतन, जड़, शरीर, काया, भौतिक
कानन (जंगल) - शहर, नगर, बस्ती, मरुभूमि, जनशून्य
अलि (भँवर/आकर्षित) - विमुख, विरक्त, उदासीन, दूर, अचल
उदय (निकलना) - अस्त, अंत, लोप, विनाश, तिरोभाव
अमृत (सुधा) - विष, गरल, हलाहल, कालकूट, जहर
आलोक (उजाला) - अंधकार, तिमिर, तम, अंधेरा, कालिमा
कोमल (मुलायम) - कठोर, वज्र, परुष, निष्ठुर, कड़ा
जड़ (अचेतन) - चेतन, जंगम, सजीव, प्राणवान, विबुध
नूतन (नया) - पुरातन, प्राचीन, जीर्ण, पुराना, वृद्ध
बंधन (कदम) - मुक्ति, मोक्ष, मुक्तिदाता, स्वतंत्रता, खुला
मधुर (मीठा) - कटु, तिक्त, कड़वा, कर्कश, तीक्ष्ण
विजोग/वियोग (बिछुड़ना) - संयोग, मिलन, संगम, संसर्ग, मेल
शीतल (ठंडा) - उष्ण, तप्त, गर्म, दाहक, ज्वलंत
चूंकि एक शब्द के बिल्कुल सटीक 5 विलोम शब्द ढूँढना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है, इसलिए यहाँ मुख्य शब्द के अर्थ और उसके अलग-अलग संदर्भों (जैसे संज्ञा, विशेषण या काव्य के भाव) के आधार पर 5 सबसे करीबी विपरीत शब्द दिए गए हैं:
अनुराग (प्रेम) - विराग, द्वेष, घृणा, ईर्ष्या, विरक्ति
निशा (रात) - दिवस, दिन, दिवा, वासर, अहः
अंबर (आकाश) - अवनी, धरा, पृथ्वी, भू, पाताल
तमस (अंधेरा) - प्रकाश, आलोक, उजाला, ज्योति, प्रदीप्ति
पावन (पवित्र) - अपवित्र, अशुचि, दूषित, मलीन, कलुषित
वेदना (दुख/पीड़ित) - आनंद, सुख, हर्ष, उल्लास, मोद
भानु (सूरज) - मयंक, चंद्र, शशि, राकेश, निशाकर
कंचन (सोना/उत्कृष्ट) - कांच, माटी, धूल, तुच्छ, लोहा
तरु (पेड़/सजीव) - मरु, ठूंठ, निर्जीव, शुष्क, जड़
सुमन (फूल/सुंदर मन) - कुमन, शूल, काँटा, दुर्जन, कंटक
विहग (पक्षी/मुक्त) - बद्ध, बंदी, पशु, थलचर, अचल
सरिता (नदी/प्रवाह) - सागर, समुद्र, जलधि, मरुस्थल, थल
मानस (मन/चेतन) - अचेतन, जड़, शरीर, काया, भौतिक
कानन (जंगल) - शहर, नगर, बस्ती, मरुभूमि, जनशून्य
अलि (भँवर/आकर्षित) - विमुख, विरक्त, उदासीन, दूर, अचल
उदय (निकलना) - अस्त, अंत, लोप, विनाश, तिरोभाव
अमृत (सुधा) - विष, गरल, हलाहल, कालकूट, जहर
आलोक (उजाला) - अंधकार, तिमिर, तम, अंधेरा, कालिमा
कोमल (मुलायम) - कठोर, वज्र, परुष, निष्ठुर, कड़ा
जड़ (अचेतन) - चेतन, जंगम, सजीव, प्राणवान, विबुध
नूतन (नया) - पुरातन, प्राचीन, जीर्ण, पुराना, वृद्ध
बंधन (कदम) - मुक्ति, मोक्ष, मुक्तिदाता, स्वतंत्रता, खुला
मधुर (मीठा) - कटु, तिक्त, कड़वा, कर्कश, तीक्ष्ण
विजोग/वियोग (बिछुड़ना) - संयोग, मिलन, संगम, संसर्ग, मेल
शीतल (ठंडा) - उष्ण, तप्त, गर्म, दाहक, ज्वलंत